शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010
प्रकृति भाग-३ Nature
रंग चिकित्सा के बारे में आप नेट पर भी खोज सकते हैं, अलग अलग रंगों के परिधानों को जब कोई धारण करता है तो हम अनायाश ही भांप लेते हैं , की उसका स्वभाव कैसा होगा। विभिन्न कार्यक्रमों तथा समारोहों में परिधान देखकर पता चल जाता है की किस प्रकार का कार्यक्रम है, तो मानव प्रकृति में ही प्रकृति समाई हुई है। ब्रह्ममांड में अनेक रहस्य छुपे हुए हैं जिन्हें मानव अभी तक १ प्रतिशत भी नहीं जन सका है।
गुरुवार, 22 अप्रैल 2010
प्रकृति भाग-2 Nature
वेदाचार्यों ने रंग चिकित्सा के बारे में विस्तार से ग्रंथो में लिखा हुआ है, प्रत्येक रंग का जीवन में अलग अलग महत्व बताया गया है, आधुनिक वैज्ञानिको ने भी इसका समर्थन क्या है तथा जांचा परखा भी है, सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना होता है ,वर्षा के पश्चात् लाल, नारंगी, पीला, हरा, आसमानी, नीला, तथा बैंगनी वर्णो का एक विशालकाय वृत्ताकार वक्र कभी-कभी दिखाई देता है। इसे इंद्रधनुष कहते हैं। परोक्छ रूप से यही रंग अलग अलग वृक्षों द्वारा कैमिकल प्रतिक्रिया के फलस्वरूप अवशोषित क्या जाता है अतः वृक्षों से प्राप्त जड़ी बूटियों में वही गुण विधमान होते हैं जिससे विभिन्न रोगों में उपयोग किया जाता है .....................सभी स्वयं के विचार हैं ।
Vedachary written in detail about the color therapy, each color value in life has been reported separately. Modern scientists have also supported the what is tested and verified. Sunlight is made up of seven colors. After rain, red, orange, yellow, green, sky-blue, blue, and violet characters of a giant circular curve appears. It is called Rainbow. Chemical reactions by the same color as a result of different trees so the trees absorb what is obtained from herbs are absorbed in the same property. Which are used in various diseases. ...................All own ideas.
Vedachary written in detail about the color therapy, each color value in life has been reported separately. Modern scientists have also supported the what is tested and verified. Sunlight is made up of seven colors. After rain, red, orange, yellow, green, sky-blue, blue, and violet characters of a giant circular curve appears. It is called Rainbow. Chemical reactions by the same color as a result of different trees so the trees absorb what is obtained from herbs are absorbed in the same property. Which are used in various diseases. ...................All own ideas.
सोमवार, 19 अप्रैल 2010
प्रकृति
पूरा ब्रहमांड कैसे बना होगा यह कौतूहल का विषय, जब हम सुदूर आकाश की ओर अँधेरी रात में देखते हैं तो चारो दिशाओं में कालिमा द्रष्टिगोचर होती है जो थोड़ी बहुत रोशनी नजर आती है वह हम तारों की कृपा से देख पाते हैं यदि तारे भी न हों तो हम कुछ भी नहीं देख सकते ( आप अकेले किसी बंद कमरे में रात को सारी बत्तियां बंद करके, बिना किसी बाहरी ध्वनी को सुने आप आंखे खोलकर देखने की कोशिश करें तथा सोंचे की सारे संसार से रौशनी विलुप्त हो चुकी है तब जो अनुभव आपको होगा वह कितना डरावना होगा ) जबकि चन्द्रमा से मिलने वाली रौशनी परावर्तित होकर आती है जैसे सूर्य को आइना दिखाने पर परावर्तित रोशनी दीवार पर दिखाई पड़ती है /
संसार में जो हरियाली,जंगल, खेत, जीव-जंतु , मानव, विज्ञानं, अविष्कार आदि रौशनी के कारण ही संभव हुआ यदि यह न होती तो कुछ भी न होता ( आज संसार के वैज्ञानिक ब्रह्माण्ड की शुरुआत कैसे हुई इसकी खोज में लगे हुए हैं तथा 'लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’ बिग बैंग नामक शीर्षक जिसमें नयूट्रोंस को टकराकर उत्पन्न उर्जा के द्वारा ब्रह्माण्ड रचना का पता लगाना ) हमारे पूर्वज ऋषि मुनियों ने रौशनी के महत्व पहले ही समझ लिया था तथा यह भी पता कर लिया था की कौन कौन से वृक्ष किन औषधियों में प्रयोग कर सकते है क्यूँकी प्रत्येक वृक्ष सूर्य की किरणों के अलग अलग रंगों को अवशोषित करता है .................क्रमशः
संसार में जो हरियाली,जंगल, खेत, जीव-जंतु , मानव, विज्ञानं, अविष्कार आदि रौशनी के कारण ही संभव हुआ यदि यह न होती तो कुछ भी न होता ( आज संसार के वैज्ञानिक ब्रह्माण्ड की शुरुआत कैसे हुई इसकी खोज में लगे हुए हैं तथा 'लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’ बिग बैंग नामक शीर्षक जिसमें नयूट्रोंस को टकराकर उत्पन्न उर्जा के द्वारा ब्रह्माण्ड रचना का पता लगाना ) हमारे पूर्वज ऋषि मुनियों ने रौशनी के महत्व पहले ही समझ लिया था तथा यह भी पता कर लिया था की कौन कौन से वृक्ष किन औषधियों में प्रयोग कर सकते है क्यूँकी प्रत्येक वृक्ष सूर्य की किरणों के अलग अलग रंगों को अवशोषित करता है .................क्रमशः
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