- दिन में दो बार मूली का रस थोड़ा नमक मिलाकर तीन दिन के प्रयोग से पेट के कीड़े मर कर मॉल के साथनिकल जाते हैं।
- पके केले का गूदा नीबू के रस में पीसकर मलहम के समान खाज खुजली , दाद तथा गंजेपन पर लेप करने से लाभ है ।
- शराब में प्याज को पकाकर लगाने से खुजली मिट जाती है ।
- गठिया के दर्द में , शिर फर्द में , कमर दर्द में लौंग का तेल मालिश करने से आराम पहुंचता है ।
- अदरक के रस में पुराना गुड़ मिलाकर खाने से सारे बदन की सूजन समाप्त हो जाती है ।
- घाव पर हल्दी बुरकने से से घाव जल्दी भर जाता है ।
- दो तीन काली मिर्च खाने से मलेरिया उतर जाता है ।
- अदरक के रस को शहद के साथ चाटने से खांसी ,सर्दी ,जुखाम में आराम मिलता है ।
- पेट की जलन में आधे नीबू का रस पानी के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है ।
- दाद व चर्म रोग में कच्चे पपीते का दूध लगाने से आराम मिलता है ।
- चेहरे के मुहासे , फुंसियाँ ,व्रण में संतरे का चिल्का रगड़ने से लाभ होता है ।
- गर्मी के मौसम में दस्त होने पर नीम के पत्तों का रस मिश्री में मिलाकर पीने से दस्त ठीक हो जाते हैं ।
- जीभ के छाले में पका केला गाये के दही के साथ प्रातः काल खाने से लाभ होता है ।
- पुदीने का सेवन करने से पेशाब खुल कर आता है
शनिवार, 17 जुलाई 2010
घरेलू नुस्से-1
एड्स
चिकित्सीय परिभाषा के अनुसार व्येस्कों में एड्स होने पर निश्चित रूप से दो मुख्य संकेत और कम से कम एक साधारण संकेत प्रकट होता है । और इनके असली कारण की जानकारी न होने के कारण इसे इम्पुनो स्प्रेसन ( प्रतिरक्षा घुटन ) कहते हैं।
व्येस्कों के एड्स की चिकित्सीय स्पस्टता मिख्या संकेत या लक्षण :वजन घाटता है , कम से कम शरीर का १० प्रतिशत वजन
चिरकालिक दस्त होते हैं ,कम से कम एक माह से ज्यादा
लम्बे समय तक बुखार रहता है रुक रुक कर
साधारण संकेत या लक्षण :-
सामान्य त्वचा में पीलापन
एक महीने से ज्यादा खांसी
मुख एवं कंठ में संक्रमण ( गले में फफूंदी )
सामान्य लिम्फ ग्रंथियों में वृद्धि
बड़े लोगों में संक्रोम या स्ट्राईप्तोकोकल मेनिन्जाइतिस की उपस्थिति एड्स वैज्ञानिक जाच के लिए अपने आप में पर्याप्त है ।
बाल्य काल में होने वाले एड्स के मुख्य और साधारण संकेत : इस अवस्था में इन्युनो स्प्रेसन ( प्रतिरक्षा घुटन ) जैसी जनि बातों का आभाव होता है और उनमें कम से कम दो मुख्य एवं दो साधारण लक्षण अवश्य पाए जाते है जिनसे एड्स का चिकित्सीय निदान होता है ।
मुख्य संकेत :- वजन घटना या बदना , चिरकालिक दस्त , लगातार बुखार , खांसी , त्वचा का पीलापन ,कान में संक्रमण , मुख व गले में संक्रमण ।
यह हम कैसे सुनिश्चित करें की हमारे शरीर में एच.आई.वी संक्रमण न आये :-
किसी से भी यौन सम्बन्ध स्थापित करना बंद करें ।
सुई /सिरिंज जैसे चुभोने वाले बदल कर लगायें ।
चिडचिडा पन आने दें ।
बुधवार, 14 जुलाई 2010
एड्स 2
एच .आई.वी संक्रमित या दूषित रक्त या रक्त उत्पादों से
- आपके शरीर में एच.आई.वी का संक्रमण एच.आई.वी से दूषित रक्त या रक्त उत्पादों के द्वारा हो सकता है / यदि रक्त दाता को एच.आई.वी संक्रमण है /
- एच .आई.वी संक्रमित इंजेक्शन या सुइयों आदि द्वारा , खासकर नशीली दवाओं के सेवन करता जो ऐसे नशीले पदार्थ ( जैसे हेरोइन आदि ) अपने शरीर में सुई से लगाते हैं /
- एच.आई.वी का संक्रमण तब भी हो सकता है जबकि सल्य चिकत्सीय औजारों को ठीक से एच.आई.वी संक्रमण से साफ़ और परिशोधित न ही किया जाये /
- एच .आई.वी शरीर में तब भी प्रवेश कर सकता है जब किसी तेज धार से संक्रमित औजार से बिना साफ़ अवोम परिशोधित किये काम करने से त्वचा आदि कट जाये ९जैसे कान साफ़ करने वाला , गोदने वाला ,हजामत का रेज़र ,नेलकटर )/
- एच.आई.वी से ग्रषित किसी भी गर्भवती स्त्री के शरीर में गर्भस्थ शिशु (भ्रूण ) को या प्रसव के दौरान एच.आई.वी संक्रमण लग सकता है /
- विशेषज्ञों का विचार है की एच.आई.वी संक्रमित तीन माताओं में से एक के शिशु को एच.आई.वी संक्रमण हो सकता है /
- यहाँ पर ऐसे प्रमाण भी मिले हैं कि अमूमन इस प्रकार से एच.आई.वी संक्रमित शिशु दो साल से ज्यादा जीवित नहीं रहते /
- एच.आई.वी संक्रमित माँ द्वारा स्तन पान कराने से संक्रमण होने के अवसर न के बराबर होते हैं / इसी कारण यूनिसेफ एवं विश्व स्वस्थ संगठन विकास शील देशों में उपरी दूध देने कि अपेक्षा संक्रमित माँ का स्तन पान के लिए बढावा देते हैं / जिससे कई दूसरे संक्रमणों से सिरक्षा मिलती है /
यह केवल वेश्यायों और उनके ग्राहकों कि समस्या मात्र नहीं है /
यह केवल समलैंगिकों कि समस्या मात्र नहीं है /
यह केवल सुई से नशीली दवा लेने मात्र से नहीं है /
और न ही यह उनकी समस्या है जिन्हें रक्त सम्बन्धी समस्या के कारण बार बार रक्त कि जरूरत है /
आज एड्स सब की समस्या है / हम में से बहुत से लोग अनजाने मे ही एच.आई.वी प्रभावित हो सकते हैं / यद्दपि जोखिमपूर्ण व्येव्हार करता दूरारों की अपेक्षा कहीं ज्यादा जल्दी शिकार हो सकते हैं जैसे की :-
- जो लोग अनेक लोगों के साथ योन सम्बन्ध रखते हैं उन्हें एच.आई.वी होने की ज्यादा सम्भावना रहती है / यदि आप कभी कभार भी दूरारों के साथ यौन सम्बन्ध करते हैं तो भी एच.आई.वी लगने का जोखिम लगा रहता हैं/
- यौन संचारित रोगों ( एस .टी .डी) के कारण जिन लोगों के यौन अंगों में खुले घाव या स्राव होता है उन्हें इन घावों से बहुत आसानी से एच.आई.वी संक्रमण हो सकता है /
- जिन्हें जल्दी जल्दी रक्त दान लेना होता है ( यद्दपि यह उच्च जोखिम वाला व्येव्हार नहीं है,पर चिकत्सीय जरूरत होती है )/
एच.आई.वी संक्रमित वयेक्ति शुरूआती स्थिति में स्वस्थ एवं सही दिख सकता है / उन्हें यह नहीं मालूम होता है की वे एच.आई.वी को अपने शरीर में वहन कर रहे हैं / एच .आई.वी संक्रमण के मामलों में कई बार एक वयेक्ति पोसिटिव न होने के बावजूद दूसरे तक संक्रमण पहुंचा सकता है / जिसके लिए पहले बताये गाये किसी तरीके से संचार हो सकता है /...............शेष और .....
मंगलवार, 13 जुलाई 2010
एड्स
एड्स के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ
एच.आई.वी शरीर में कैसे पहुंचता है ?
संक्रमित व्येक्ती से असुरक्षित योन सम्बन्ध ( सम्भोग ):-
एड्स को उपार्जित ( एक्वायर्ड ) कहते हैं क्यूंकि यह हर समय किसी अन्य से लगता ( आता ) है / प्रतिरक्षा अक्षमता ( इम्प्यून डिफीसिएसी) का अर्थ है इसका विषाणु (virus ) शरीर के रक्षात्मक तंत्र के खिलाफ संघर्ष करता है / सम लकछण ( सिंड्रोम ) का अर्थ है की इस बीमारी के अनेक तरह के चिन्ह एवं लकछण होते हैं /
एच . आई . वी का मतलब हयूमन इम्पयूनो डिफीसिएसी वायेरस अर्थात मानव प्रतिरक्षा नाशक विषाणु / यही विषाणु एड्स बीमारी का वाहक होता है / एच आई वी संक्रमित आदमी के वीर्य , योनीस्राव , रक्त एवं रक्त उत्पादित शरीर के द्रव पदार्थों में पाया जाता है जो संक्रमित रक्त से बनते हैं / यदपि ऐसे भी प्रमाण मिले हैं की एच आई वी की उपस्थिति आंसुओं , पसीने , एवं माँ के दूध में भी होती है / परन्तु इतने कम होते हैं की दूसरों को संक्रमित नहीं कर पाते /
- यदि आप किसी एच.आई.वी संक्रमित पुरुष या स्त्री के साथ सम्भोग करते हैं तो आपको भी संक्रमण हो सकता है /
- यदि आप किसी वैश्या या बहुगामी स्त्री या पुरूष के साथ यौन संबंध करते हैं जोकि अनेक लोगों से यौन संबंध रखता है /
- यदि आप अलग अलग किस्म के बहुत से लोगों से यौन संबंध रखते हैं तो आपको एच.आई.वी संक्रमण होने के बहुत अधिक अवसर रहते हैं /
- किसी संक्रमित व्येक्ती के साथ सम्भोग से भी आप पहली बार में ही एच.आई.वी संक्रमण पा सकते हो /
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