एच .आई.वी संक्रमित या दूषित रक्त या रक्त उत्पादों से
- आपके शरीर में एच.आई.वी का संक्रमण एच.आई.वी से दूषित रक्त या रक्त उत्पादों के द्वारा हो सकता है / यदि रक्त दाता को एच.आई.वी संक्रमण है /
- एच .आई.वी संक्रमित इंजेक्शन या सुइयों आदि द्वारा , खासकर नशीली दवाओं के सेवन करता जो ऐसे नशीले पदार्थ ( जैसे हेरोइन आदि ) अपने शरीर में सुई से लगाते हैं /
- एच.आई.वी का संक्रमण तब भी हो सकता है जबकि सल्य चिकत्सीय औजारों को ठीक से एच.आई.वी संक्रमण से साफ़ और परिशोधित न ही किया जाये /
- एच .आई.वी शरीर में तब भी प्रवेश कर सकता है जब किसी तेज धार से संक्रमित औजार से बिना साफ़ अवोम परिशोधित किये काम करने से त्वचा आदि कट जाये ९जैसे कान साफ़ करने वाला , गोदने वाला ,हजामत का रेज़र ,नेलकटर )/
- एच.आई.वी से ग्रषित किसी भी गर्भवती स्त्री के शरीर में गर्भस्थ शिशु (भ्रूण ) को या प्रसव के दौरान एच.आई.वी संक्रमण लग सकता है /
- विशेषज्ञों का विचार है की एच.आई.वी संक्रमित तीन माताओं में से एक के शिशु को एच.आई.वी संक्रमण हो सकता है /
- यहाँ पर ऐसे प्रमाण भी मिले हैं कि अमूमन इस प्रकार से एच.आई.वी संक्रमित शिशु दो साल से ज्यादा जीवित नहीं रहते /
- एच.आई.वी संक्रमित माँ द्वारा स्तन पान कराने से संक्रमण होने के अवसर न के बराबर होते हैं / इसी कारण यूनिसेफ एवं विश्व स्वस्थ संगठन विकास शील देशों में उपरी दूध देने कि अपेक्षा संक्रमित माँ का स्तन पान के लिए बढावा देते हैं / जिससे कई दूसरे संक्रमणों से सिरक्षा मिलती है /
यह केवल वेश्यायों और उनके ग्राहकों कि समस्या मात्र नहीं है /
यह केवल समलैंगिकों कि समस्या मात्र नहीं है /
यह केवल सुई से नशीली दवा लेने मात्र से नहीं है /
और न ही यह उनकी समस्या है जिन्हें रक्त सम्बन्धी समस्या के कारण बार बार रक्त कि जरूरत है /
आज एड्स सब की समस्या है / हम में से बहुत से लोग अनजाने मे ही एच.आई.वी प्रभावित हो सकते हैं / यद्दपि जोखिमपूर्ण व्येव्हार करता दूरारों की अपेक्षा कहीं ज्यादा जल्दी शिकार हो सकते हैं जैसे की :-
- जो लोग अनेक लोगों के साथ योन सम्बन्ध रखते हैं उन्हें एच.आई.वी होने की ज्यादा सम्भावना रहती है / यदि आप कभी कभार भी दूरारों के साथ यौन सम्बन्ध करते हैं तो भी एच.आई.वी लगने का जोखिम लगा रहता हैं/
- यौन संचारित रोगों ( एस .टी .डी) के कारण जिन लोगों के यौन अंगों में खुले घाव या स्राव होता है उन्हें इन घावों से बहुत आसानी से एच.आई.वी संक्रमण हो सकता है /
- जिन्हें जल्दी जल्दी रक्त दान लेना होता है ( यद्दपि यह उच्च जोखिम वाला व्येव्हार नहीं है,पर चिकत्सीय जरूरत होती है )/
एच.आई.वी संक्रमित वयेक्ति शुरूआती स्थिति में स्वस्थ एवं सही दिख सकता है / उन्हें यह नहीं मालूम होता है की वे एच.आई.वी को अपने शरीर में वहन कर रहे हैं / एच .आई.वी संक्रमण के मामलों में कई बार एक वयेक्ति पोसिटिव न होने के बावजूद दूसरे तक संक्रमण पहुंचा सकता है / जिसके लिए पहले बताये गाये किसी तरीके से संचार हो सकता है /...............शेष और .....
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें