चिकित्सीय परिभाषा के अनुसार व्येस्कों में एड्स होने पर निश्चित रूप से दो मुख्य संकेत और कम से कम एक साधारण संकेत प्रकट होता है । और इनके असली कारण की जानकारी न होने के कारण इसे इम्पुनो स्प्रेसन ( प्रतिरक्षा घुटन ) कहते हैं।
व्येस्कों के एड्स की चिकित्सीय स्पस्टता मिख्या संकेत या लक्षण :वजन घाटता है , कम से कम शरीर का १० प्रतिशत वजन
चिरकालिक दस्त होते हैं ,कम से कम एक माह से ज्यादा
लम्बे समय तक बुखार रहता है रुक रुक कर
साधारण संकेत या लक्षण :-
सामान्य त्वचा में पीलापन
एक महीने से ज्यादा खांसी
मुख एवं कंठ में संक्रमण ( गले में फफूंदी )
सामान्य लिम्फ ग्रंथियों में वृद्धि
बड़े लोगों में संक्रोम या स्ट्राईप्तोकोकल मेनिन्जाइतिस की उपस्थिति एड्स वैज्ञानिक जाच के लिए अपने आप में पर्याप्त है ।
बाल्य काल में होने वाले एड्स के मुख्य और साधारण संकेत : इस अवस्था में इन्युनो स्प्रेसन ( प्रतिरक्षा घुटन ) जैसी जनि बातों का आभाव होता है और उनमें कम से कम दो मुख्य एवं दो साधारण लक्षण अवश्य पाए जाते है जिनसे एड्स का चिकित्सीय निदान होता है ।
मुख्य संकेत :- वजन घटना या बदना , चिरकालिक दस्त , लगातार बुखार , खांसी , त्वचा का पीलापन ,कान में संक्रमण , मुख व गले में संक्रमण ।
यह हम कैसे सुनिश्चित करें की हमारे शरीर में एच.आई.वी संक्रमण न आये :-
किसी से भी यौन सम्बन्ध स्थापित करना बंद करें ।
सुई /सिरिंज जैसे चुभोने वाले बदल कर लगायें ।
चिडचिडा पन आने दें ।
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