एड्स को उपार्जित ( एक्वायर्ड ) कहते हैं क्यूंकि यह हर समय किसी अन्य से लगता ( आता ) है / प्रतिरक्षा अक्षमता ( इम्प्यून डिफीसिएसी) का अर्थ है इसका विषाणु (virus ) शरीर के रक्षात्मक तंत्र के खिलाफ संघर्ष करता है / सम लकछण ( सिंड्रोम ) का अर्थ है की इस बीमारी के अनेक तरह के चिन्ह एवं लकछण होते हैं /
एच . आई . वी का मतलब हयूमन इम्पयूनो डिफीसिएसी वायेरस अर्थात मानव प्रतिरक्षा नाशक विषाणु / यही विषाणु एड्स बीमारी का वाहक होता है / एच आई वी संक्रमित आदमी के वीर्य , योनीस्राव , रक्त एवं रक्त उत्पादित शरीर के द्रव पदार्थों में पाया जाता है जो संक्रमित रक्त से बनते हैं / यदपि ऐसे भी प्रमाण मिले हैं की एच आई वी की उपस्थिति आंसुओं , पसीने , एवं माँ के दूध में भी होती है / परन्तु इतने कम होते हैं की दूसरों को संक्रमित नहीं कर पाते /
- यदि आप किसी एच.आई.वी संक्रमित पुरुष या स्त्री के साथ सम्भोग करते हैं तो आपको भी संक्रमण हो सकता है /
- यदि आप किसी वैश्या या बहुगामी स्त्री या पुरूष के साथ यौन संबंध करते हैं जोकि अनेक लोगों से यौन संबंध रखता है /
- यदि आप अलग अलग किस्म के बहुत से लोगों से यौन संबंध रखते हैं तो आपको एच.आई.वी संक्रमण होने के बहुत अधिक अवसर रहते हैं /
- किसी संक्रमित व्येक्ती के साथ सम्भोग से भी आप पहली बार में ही एच.आई.वी संक्रमण पा सकते हो /
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क्या आप जानते हैं ?
जवाब देंहटाएंहथियार बेचकर अरबपति बने विदेशी व्यापारी वासना का व्यापार करने से कब बाज आने वाले थे। लगे हाथ भारत के चरित्रवान समाज को चरित्रहीन और एड्स का संम्भावित शिकार बनाने का मौका भी मिल गया। इतना तो आप जानते हैं न कि अति वासनापूर्ण जीव जीने वाले आसानी से एड्स से ग्रसित हो जाते हैं। नहीं जानते तो जान लें कि एड्स का वायरस बडी मेहनत से डैट्रिक (अमेरीका) की प्रयोगशाला में तैयार किया गया और दुनिया में फैलाया गया जिसका शिकार व्यभिचारी आसानी से बनते हैं।
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा निरंकुश
सम्पादक-प्रेसपालिका (जयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार-पत्र) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास) (जो दिल्ली से देश के सत्रह राज्यों में संचालित है।
इस संगठन ने आज तक किसी गैर-सदस्य, सरकार या अन्य किसी से एक पैसा भी अनुदान ग्रहण नहीं किया है। इसमें वर्तमान में ४३६६ आजीवन रजिस्टर्ड कार्यकर्ता सेवारत हैं।)। फोन : ०१४१-२२२२२२५ (सायं : ७ से ८) मो. ०९८२८५-०२६६६
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